SAVITA LAVANKAR(ARTIST OF NAGPUR)

डॉ. सविता दिलीप लवणकर चित्रकला एवं अन्य भारतीय कलाकृतियों जैसे, चित्रकला, रंगोली, सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, रूप- गार सज्जा, कुकिंग क्लास, प्राकृतिक चिकित्सा आदि के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है जिन्होंने न लाभ न हानि आधार पर भारत के महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर की निर्धन, असहाय एवं ज़रूरतमंद महिलाओं एवं सैंकडों विद्यार्थियों को विभिन्न कलात्मक विधाओं का प्रशिक्षण प्रदान कर न केवल भारतीय संस्कृति एवं कला को देश-विदेश तक पहुँचाया है अपितु सामान्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

बी.कॉम., के बाद फैशन डिजायनिंग तथा ब्यूटी पार्लर का गहन प्रशिक्षण लेने के उपरान्त आपने डॉक्टर ऑफ नैच्युरोपॅथी की उपाधि हासिल की। चित्रकला, रंगोली, सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, पाक कला आदि का ज्ञान आपको विरासत में मिला जिसका  उपयोग आप समाज सेवा के रूप में कर रही हैं।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी डॉ. सविता अपने आवास ‘उत्सव’ 345 नगर विकास हाउसिंग सोसायटी, नरेन्द्र नगर नागपुर में प्रशिक्षण कार्य संचालित करती हैं। आप अपने विभिन्न उत्पादों को कला प्रदर्शनियों एवं ‘ऑन लाईन सैलिंग’ के आधार पर विक्रय कर अपने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बनाये गये विभिन्न उत्पादनों को बेचकर उन्हें प्रोत्साहित करती हैं।

डॉ. सविता जी के सर्टिफिकेट एवं विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की समयावधि एवं प्रशिक्षण शुल्क कोर्स एवं प्रशिक्षण समय के अनुसार अलग-अलग है। इस केन्द्र पर विद्यार्थियों, महिलाओं, सेवारत कर्मचारियों आदि के लिये अलग-अलग समय में प्रशिक्षण प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है । आपके इन कार्यों में इनके पति श्री दिलीप लवणकर एवं पुत्र प्रतीक एवं ऋषभ का पूर्ण सहयोग रहता है।

Dr. Savita Dilip Lawankar a unique name from the city of Nagupur of Maharashtra state, who have trained number of poor and needy women and hundreds of students of Nagpur city under Drawing, Rangoli, Sewing, Stitching, Knitting, Beauty Culture, Coocking and Naturopathy etc. on ‘no profit no loss’ basis. She has not only given training of various activities but helped in reaching the Indian Culture to various parts of the country and abroad.Moreover she has made available the self employment to the poor people.

After completion of a degree of B.Com. she has undergone a deep training of Fashion designing and Beauty Parlour. There after she has completed a degree of Naturopathy. She has got the knowledge of  Drawing, painting, Rangoli, Stitching, Knitting, Coocking etc.  and using the same for the social cause.

The owner of multiactivities Dr. Savita is residing at her own residence at ‘UTSAV’, 345 NAGAR VIKAS HOUSING SOCIETY, NARENDRA NAGAR, NAGPUR and providing training at the same place.

She is displaying the various products prepared by the trainees through art exhibitions and encourage them by selling their products on line.

The time schedule and training fees of various certificate courses and diplomas of Dr. Savita ji is ranging from course to course. The facility of getting to the students, women, working employees etc. at different timings is available at the centre.

Her husband Dilip Lawankar and son Pratik and Rushabh are providing every co-operation in her job.

चित्रकला एवं पेंटिंग

  1. मार्बल पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग में वेस्ट मार्बल पाउडर के कलर से हार्डबोर्ड पर कपड़ा डालकर पेंटिंग करना सिखाया जाता है। ये पेंटिंग अलग-अलग साईज की होती हैं। दीवार पर टांगने हेतु इसकी साईज 4 बाई 2 फीट तक की भी होती है। सामान्यतया इसका कोर्स दस से पन्द्रह दिन का होता है तथा पाठ्यक्रम का शुल्क रू. 2000 से 3000 के बीच होता है।

  1. ऑयल पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग के कोर्स की समयावधि सामान्यत: एक सप्ताह की होती है।

  1. सिरामिक पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग हार्ड बोर्ड की कटिंग करके उस पर सिरामिक कलर से की जाती है जिसका एक प्रकार कोन पेंटिंग भी होता है।

  1. ग्लास पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग में शीशे की विभिन्न वस्तुओं पर कलात्मक पेंटिंग की जाती है।

  1. सेंड पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग मिट्टी के विभिन्न रंगों को हार्डबोर्ड पर पेंट करके तैयार की जाती है।

  1. कोलाज पेंटिंग

यह पेंटिंग उभरी हुई दिखायी देती है अत: इसे थ्री डी अफैक्ट पेंटिंग भी कहा जाता है। इसी प्रकार की एक पेंटिंग रद्दी का$गजों की लुग्दी से तैयार मूर्तियों पर रंग विन्यास द्वारा की जाती है जिसे स्टेच्यू पेंटिंग भी कहा जाता है।

  1. वुड पेंटिंग

यह पेंटिंग लकड़ी के वेस्ट बुरादे के रंगों से की जाती है अत: इो सॉ पेंटिंग भी कहा जाता है।

सोलर वुड डिजायन

Top of Form

 

यह कलात्मक डिजायन सोलर वुड नामक घास से बनाया जाता है जिससे सजावट की हुई तस्वीरें ड्राईंग रूम को आकर्षक स्वरूप प्रदान करती हैं।

मोम वर्क

इस प्रकार के डिजायन मोम से तैयार किये जाते हैं जिसमें पॉट्री वर्क भी किया जाता है इसे वेक्स वर्क भी कहा जाता है।

पॉट्री वर्क

इस प्रकार के पाठ्यक्रम में मिट्टी के बर्तनों पर विभिन्न प्रकार के कलात्मक डिजायन बनाना सिखाया जाता है जिनका प्रचलन दिनोंदिन घरों के इन्टीरीयर डेकोरेशन में बढ़ रहा है।

फ्लावर मेंकिंग

आर्टीफीशियल फूलों से बनाये गये विभिन्न गमलों एवं डिजाइनों से की गई सजावट हर किसी के घर की सुन्दरता में चार चाँद लगा देती है। इस कोर्स में प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार के कपड़ों से निर्मित  कृत्रिम फूल, जिनके लगभग 25 प्रकार के आईटम बनाना सिखाया जाता है जिसका प्रशिक्षण शुल्क रू. 2100 है।

कशीदाकारी


इस प्रकार के अल्पावधि कोर्स में मेजपोश, थालपोश, कवर निटिंग आदि प्रकार के विभिन्न आईटम बनाना सिखाया जाता है।

सॉफ्ट टोइज

आज देश-विदेश में घरों की आंतरिक साज-सज्जा में सॉफ्ट टोइज का प्रचलन बढ़ा है जबकि बाज़ार में इनका मूल्य काफी ऊंचा  होता है अत: इस कला को सीखकर जहां एक ओर घरों की आंतरिक साज-सज्जा में बचत की जा सकती है वहीं दूसरी ओर इसे एक गृह उद्योग के रूप में भी विकसित कर जीविकोपार्जन का साधन बनाया जा सकता है

सॉफ्ट टोइज में पप्पीज, कर्टेन टोइज आदि प्रमुख हैं।

 

रंगोली

घरों के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाये जाने की एक प्राचीन भारतीय परम्परा रही है। इस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को सामान्य प्रकार की रंगोली लगभग 2-3 घंटे में तथा परम्परागत संस्कार भारती रंगोली  4-5 दिन में सिखायी जाती है जिसका प्रशिक्षण शुल्क रू. 2100 है।

सिलाई

वर्तमान में दैनिक स्कूली शिक्षा के  लम्बे समय एवं नारी शिक्षा में प्रगति के साथ ही साथ हमारे देश की लड़कियों को कभी-कभी सिलाई कढ़ाई जैसे परम्परागत कार्यों को सीखने का अवसर नहीं मिल पाता है जिसे हम अपने इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें सुलभ कराते हैं।

इस कोर्स में लगभग 10-15 दिन में लेडीज ब्लाउज एवं ड्रेस मेकिंग का कार्य सिखाया जाता है जबकि फैशन डिजाइन  में एक वर्षीय डिप्लोमा  पाठ्यक्रम भी है।

बेकिंग क्लासेज

इस प्रकार के पाठ्यक्रम में बिस्कुट,केक, चॉकलेट सहित 25 प्रकार के विभिन्न बेकरी आइटम बनाने सिखाये जाते हैं जिसकी समयावधि 15 से 20 दिन तथा प्रशिक्षण शुल्क रू. 5000 है।

नैच्यूरोपैथी ट्रीटमेंट

प्राकृतिक चिकित्सा एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है जो औषधिरहित होती है जिसका आज की शारीरिक   श्रम रहित दिनचर्या में काफी महत्व है। इस प्रकार के पाठ्यक्रम में स्टीम बाथ,सन बाथ, मसाज, एक्यूप्रेशर आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

ब्यूटी पार्लर

इस प्रकार के पाठ्यक्रम में दुल्हन शृंगार, मेकअप एवं हर्बल स्कीन ट्रीटमेंट सिखाया जाता है। मेकअप एवं शृंगार  पाठ्यक्रम शुल्क रू. 5000 है जबकि  हर्बल स्कीन ट्रीटमेंट शुल्क हर प्रकार के ट्रीटमेंट के अनुसार अलग से लिया जाता है।

 

डॉ. सविता दिलीप लवणकर ,
निदेशिका ‘उत्सव’
345 नगर विकास हाउसिंग सोसायटी,
नरेन्द्र नगर नागपुर, महाराष्ट्र भारत, पिनकोड-440015
ई मेल-
मोबाइल- 9588691725,9423685067

Dr.Savita Dilip Lawankar

Director,

UTSAV, NAGAR VIKAS HOUSING SOCIETY, NARENDRA NAGAR NAGPUR, MAHARASHTRA (INDIA) PINCODE- 440015

MOBOLE-9588691725,9423685067

आपका नाम (जरूरी [अपेक्षित])

 

डॉ. सविता दिलीप लवणकर

निदेशिका ‘उत्सव’ 335 नगर विकास हाउसिंग सोसायटी, नरेन्द्र नगर नागपुर, महाराष्ट्र (भारत)

सॉफ्ट टॉय्ज

आज देश-विदेश में घरों की आंतरिक साज-सज्जा में सॉफ्ट टॉय्ज का प्रचलन बढ़ा है जबकि बाज़ार में इनका मूल्य काफी ऊंचा होता है अत: इस कला को सीखकर जहां एक ओर घरों की आंतरिक साज-सज्जा में बचत की जा सकती है वहीं दूसरी ओर इसे एक गृह उद्योग के रूप में भी विकसित कर जीविकोपार्जन का साधन बनाया जा सकता है

मोम वर्क

इस प्रकार के डिजायन मोम से तैयार किये जाते हैं जिसमें पॉट्री वर्क भी किया जाता है इसे वेक्स वर्क भी कहा जाता है।

चित्रकला एवं पेंटिंग

इस प्रकार की पेंटिंग हार्ड बोर्ड की कटिंग करके उस पर सिरामिक कलर से की जाती है जिसका एक प्रकार कोन पेंटिंग भी होता है।

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Editor : Dr. Kailash Chandra Sharma