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Triveni Kala Sangam

Events

वर्ष 2014 में गुजरात के धांधलपुर गांव के एक निजी स्कूल में वहां के विद्यार्थियों को अपनी नवसृजित प्रार्थना ‘सरस्वती वन्दना ‘ का प्रस्तुतीकरण कराते डॉ कैलाश चंद्र शर्मा (प्रस्तुतकर्ता हैं लालजी सोलंकी व साथी )

वर्ष 2014 में गुजरात के धांधलपुर गांव में वहां के विद्यार्थियों को अपने ढूंढाड़ी गीत ‘मोटरगाड़ी ‘ की तैयारी कराते डॉ कैलाश चंद्र शर्मा

वर्ष 2014 में गुजरात के धांधलपुर गांव के एक निजी स्कूल में वहां के विद्यार्थियों को ढूंढाड़ी गीत ‘टीटोड़ी’ का प्रस्तुतीकरण कराते डॉ कैलाश चंद्र शर्मा (प्रस्तुतकर्ता हैं लालजी सोलंकी व साथी)

वर्ष 2016 में ‘त्रिवेणी कला संगम जयपुर’ द्वारा अधिगृहीत संस्था ‘विनायक शिक्षा समिति, जयपुर ‘ द्वारा संचालित विद्यालय ‘विनायक चिल्ड्रन एकेडमी ‘ के प्रथम स्वतन्त्रता दिवस समारोह के छायाचित्र (कार्यक्रम के मुख्य अतिथि – महंत श्री गणेश दास जी के शिष्य, बाळ की ढाणी निवासी श्री नारायण गूर्जर एवं विशिष्ट अतिथि श्री राकेश शर्मा, साथ में विद्यालय के शिक्षकगण श्री सुभाष बाजिया एवं कु. रेखा भडाना )

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त्रिवेणी कला संगम, जयपुर के संगीत, नृत्य एवं नाट्य प्रशिक्षण शिविर में 20 दिसंम्बर 2014 को नाटक ‘आधुनिक यमलोक ‘ का निर्देशन देते हुए डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा (समापन समारोह 20 एवं 25 दिसंम्बर 2014 को प्रातः 11.30 बजे रवीन्द्र मंच जयपुर पर संपन्न हुआ )
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उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय जळगावं में ‘ डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा के नाटकों में सामाजिक बोध ‘ विषय पर पीच.डी. हेतु शोधकार्यरत श्री लिम्बा वाल्हे ने 23 नवम्बर 2015 को शोध प्रबंध की प्रस्तुति से पूर्व त्रिवेणी कला संगम जयपुर परिसर में धूलिया के प्रोफेसर डॉ शिवाजी नामदेव देवरे के साथ आकर डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा एवं त्रिवेणी कला संगम जयपुर के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों का साक्षात्कार लिया
IMG_9691 IMG_9688 राष्ट्रसन्त तुडकोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में ‘ डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा के नाट्य साहित्य का विश्लेषण ‘ विषय पर 29 मई 2017 को नागपुर विश्वविद्यालय में भावना कलसुले की पीच.डी हेतु मौखिकी सम्पन्न हुई। इस सम्बन्ध में अपने शोध प्रबंध की प्रस्तुति से पूर्व त्रिवेणी कला संगम जयपुर परिसर में भावना जी ने डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा एवं त्रिवेणी कला संगम जयपुर के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों का साक्षात्कार लिया।

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जयपुर रंगमंच के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं साहित्यकार डॉ. कैलाशचन्द्र शर्मा के समग्र साहित्य पर ‘सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ, पुणे’ में राणी श्रावण फासगे द्वारा पीएच.डी. हेतु शोधकार्य किया जा रहा है जिसके सन्दर्भ में डॉ. कैलाशचन्द्र शर्मा एवं उनके जीवन से जुड़े व्यक्तियों का साक्षात्कार लेने एवं विभिन्न स्थलों को देखने हेतु शोधार्थी द्वारा एक सात दिवसीय शोध-यात्रा के दौरान अपने शोध-निर्देशक डॉॅ. अशोक वामनराव धुलधुले के नेतृत्व में 4 मई 2017 को शर्मा जी के जयपुर जिले के ग्राम मैड़ स्थित उनके जन्म-स्थान, उनकी प्रारम्भिक शिक्षा के गुरुकुल ‘राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, मैड़’ का अवलोकन कर उनके प्रारम्भिक शिक्षाकाल के अग्रज सहपाठी श्री रामकुँवार सिंह शेखावत, स्कूल के शिक्षकों , उसके पश्चात कैलाश जी के द्वारा वर्ष 1995 में स्थापित संस्था ‘त्रिवेणी कला संगम, जयपुर’ की अध्यक्षा श्रीमती रेनूरानी शर्मा तथा लेखक के सहकर्मी पंजाब नैशनल बैंक मण्डल कार्यालय, अलवर के मुख्य प्रबन्धक एवं कवि श्री मुकेश व्यास का साक्षात्कार लेकर अपने शोधकार्य को प्रामाणिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने हेतु एक अनुकरणीय प्रयास किया गया। श्रीमती रेनूरानी शर्मा, अध्यक्ष , त्रिवेणी कला संगम , जयपुर की ओर से निम्न महानुभावों का आभार – 1. डॉ अशोक वामनराव धुलधुले , विभागाध्यक्ष एवं संयोजक , हिन्दी अनुसन्धान केन्द्र नाशिक रोड 2 सुश्री राणी श्रावण फासगे , पीएच.डी-शोध छात्रा , सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ , पुणे 3 . श्री भूदेव शर्मा (आचार्य , राजकीय श्रीराम वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय , ग्राम मैड )
4 . श्री रामकुंवार सिंह शेखावत ( सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक , राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग एवं साठ के दशक के पूर्व छात्र, राजकीय श्रीराम प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय , ग्राम मैड ) 5 . श्री मुकेश व्यास ( मुख्य प्रबन्धक, पंजाब नैशनल बैंक , मण्डल कार्यालय , अलवर )

डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा द्वारा लिखित महन्त श्री गणेश दास जी महाराज की जीवनी ‘कर्मयोगी ‘ पर आधारित 108 माणिक के खण्डकाव्य ‘गणेश माल ‘ के प्रथम संगीतमय गान का सीकर ज़िले के ग्राम बीदासर में संगीत प्रेमियों के समक्ष 5 जुलाई 2017 को लोकार्पण



आज की राजस्थान पत्रिका में राष्ट्रीय स्तर पर त्रिवेणी कला संगम , जयपुर के संस्थापक एवं सचिव डॉ कैलाश चंद्र शर्मा के जीवनवृत्त का समाचार

अमृतसर के पास मुकेरियां(पंजाब) में 16 अप्रैल 2018 को मेरे साहित्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में आप सादर आमंत्रित हैं। इस अवसर पर डॉ रीना कुमारी जी के संयोजन में पंजाब में त्रिवेणी कला संगम जयपुर की प्रथम शाखा का शुभारंभ भी किया जाएगा। मेरे साहित्य पर जो विद्वान इस संगोष्ठी के अवसर पर प्रकाशित होने वाले एक शोध ग्रंथ हेतु आलेख लिखना चाहें वे www.trivenikalasangam.com से सामग्री ले सकते हैं । इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार के सहयोग हेतु आप मुझसे +918890293185 ( फोन) या वाट्स एप नम्बर 919588016526 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
अन्य जानकारी एवं सम्पर्क हेतु इस लिंक पर क्लिक करके संगोष्ठी का पूर्ण विवरण देखें-
https://drive.google.com/file/d/0B7QfvGIBK-NdNHZsRUNrRlFhUHZOQ1lDcG4taFB3SjRwWWFN/view?usp=drivesdk
विनीत
(डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा)

A National Conference was held in Mukeriyan of Punjab on 16th April 2018 at Dasmesh P.G Girls auditorium.
The topic was ‘ DR. KAILASH CHANDRA SHARMA KA SAHITY SRAJAN ‘.
Research papers were presented on the literature of Dr. Kailash Chandra Sharms by so many research scholars, musicians, professors and critics-writers, mainly, Dr. Sudhir Mathur from New Delhi, Dr. Sapana Devi and Dr. Neelam Sharma from Jammu, Dr. Deepshikha from Amritsar.
The convenor of the conference was Dr. Reena Kumari, Head of Department of Hindi.
In the beginning of the programme Dr. ( Mrs.) Ravindra kaur Chaddha, Principal of the college welcomed to all the participants and presented biography of Dr. Kailash Chandra Sharma.
One play named ‘ MAHAVAT’., written and directed by Dr. Kailash was presented in the conference . Dr. Sapana Devi was first time in her life acted in the drama and her role as ‘Chhabili ‘ was very impressive.
One Dhundhadi (Jaipuri Boli) Geet ‘ Rakhadi dila dai’ and other poem ‘ dhany dhany veeron ki bhoomi bhaichare ki jo khan, Sadiyon se hilmilkar rahte bada anokha Rajasthan’ was presented with music students of the college in the direction of Kailash ji.Mrs. Shivani, the Head of Music Deptt. was very happy as accompanist of Harmonium in the presentation.