Triveni Kala Sangam, Jaipur

त्रिवेणी कला संगम , जयपुर – एक परिचय
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भारतीय संगीत, नृत्य एवं अन्य कलाओं की मौलिकता को बनाये रखते हुए इनकी चहुंमुखी प्रगति के उद्देश्य से वर्ष 1995 की गणेश चतुर्थी के दिन डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा एवं श्रीमती रेनूरानी शर्मा द्वारा त्रिवेणी कला संगम , जयपुर की स्थापना की गई।
18 सितम्बर 1995 को सहकारी समितियां, राजस्थान सरकार द्वारा पंजीयन क्रमांक 285 /95 के द्वारा त्रिवेणी कला संगम , जयपुर संस्था एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत हुई। वर्ष 1996 में संस्था को अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल , मुंबई द्वारा मान्यता प्रदान की गई तथा उत्तरोत्तर गति से प्रगति-पथ पर अग्रसर होते हुए वर्ष 1998 से संस्था को मंडल की अलंकार तक की परीक्षाओं का केंद्र मिला। 18 अगस्त 1997 को राजस्थान संगीत नाटक अकादमी से मान्यता मिली । 9 सितम्बर 2001 को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से मान्यता लेकर ‘त्रिवेणी संगीत महाविद्यालय ‘ के नाम से राज्य के प्रथम महाविद्यालय का शुभारम्भ किया गया।

त्रिवेणी कला संगम , जयपुर की वर्तमान कार्यकारिणी

1 . श्रीमती रेनूरानी शर्मा – अध्यक्ष
2 सुश्री रेणुका इसरानी – उपाध्यक्ष
3 . अभिषेक शर्मा – कोषाध्यक्ष
4 . डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा – सचिव
5 . श्रीमती सीमा वैष्णव – सदस्य
6 . श्रीमती सुरेश कँवर शेखावत – सदस्य
7 . श्रीमती सुशीला वर्मा – सदस्य
8 . श्रीमती मीना श्रीवास्तव – सदस्य
9 . सुश्री सूफिया ईरम सिद्दीकी – सदस्य
10. डॉ काजल शर्मा – सदस्य
11. श्रीमती चेतना शर्मा – सदस्य